कोई तो मदद कर दो साहब..निराश्रित राशि का सवाल है…….

आज के डिजिटल युग में यह समझना बड़ा कठिन हो गया है कि क्या फायदे हैं और क्या नुकसान?
जरूर सरकार लोगों की सुगमता एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए तमाम नितनए तकनीक अपना रही है वहीं लोगों से जुड़ी भारी समस्याएं भी सामने आ रही है।
बात कर रहे है धरमजयगढ़ नगर के वार्ड नंबर 13 झूलनबर जहां के निवासी एक बुजुर्ग ई केवायसी के नाम पर भटकते नजर आया हताश परेशान बुजुर्ग झूलनबार निवासी कोरनो यादव जो बताए अनुसार शारीरिक रूप से बीमार है जरूरत के मुताबिक निराश्रित पेंशन की चाह में एसबीआई बैंक धरमजयगढ़ आया हुआ था जिन्हें खाता होल्ड होने की जानकारी देते हुए बड़ी आसानी से बैंक कर्मचारियों द्वारा इकवायसी कराने हिदायत दे दिया गया शरीर से परेशान बुजुर्ग सोचने समझने में रह गया, ऐसे हालात में अज्ञानता वश बुजुर्ग कोरनो बैंक के बाहर लोगों से मदद मांगता रहा ।लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ l
वहीं किसी के द्वारा बैंक के बताए अनुसार एसबीआई क्योस्क बैंक पहुंचाया गया लेकिन वहां भी त्वरित समस्याओं का समाधान नहीं हुआ सर्वर प्रॉब्लम की बात सामने आई ।
कुलमिलाकर विकास रूपी नए तकनीक के शिकार हुए बुजुर्ग निराश्रित पेंशनधारी को बैरंग खाली हाथ बैंक से रकम की जगह चेहरे में उदासी लिए हाथ में ईकेवायसी कराने का पर्ची लिए वापस घर लौटना पड़ा ।
ऐसे हालात यहां यह समझना कहीं न कहीं बेहद जरूरी हो जाता है कि यह तेजी तकनीक या संबंधित जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का नतीजा है।।
रिपोर्टर : शेख आलम धर्मजयगढ़





